Politics
केंद्र सरकार की योजनाओं से हिमाचल को ₹2513.65 करोड़ की स्वीकृति—भाजपा विधायकों के सवाल पर विधानसभा में खुलासा
331 योजनाएं स्वीकृत, कांग्रेस सरकार की सुस्त कार्यप्रणाली उजागर—जनता तक लाभ पहुंचाने में नाकाम
श
शिल्पा ठाकुर
2026-03-28
केंद्र सरकार की योजनाओं से हिमाचल को ₹2513.65 करोड़ की स्वीकृति—भाजपा विधायकों के सवाल पर विधानसभा में खुलासा
331 योजनाएं स्वीकृत, कांग्रेस सरकार की सुस्त कार्यप्रणाली उजागर—जनता तक लाभ पहुंचाने में नाकाम
शिमला:
भाजपा नेता एवं विधायक सुधीर शर्मा, विनोद कुमार और रणधीर शर्मा द्वारा हिमाचल प्रदेश विधानसभा में पूछे गए तारांकित प्रश्न संख्या 4145 के उत्तर में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। यह प्रश्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत प्रदेश में स्वीकृत कार्यों, उनकी वित्तीय स्थिति और क्रियान्वयन को लेकर उठाया गया था।
विधानसभा में दिए गए आधिकारिक उत्तर के अनुसार, पिछले तीन वर्षों (01 जनवरी 2023 से 31 जनवरी 2026) के दौरान केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में कुल 331 योजनाओं को स्वीकृति दी गई, जिनकी कुल लागत ₹2513.65 करोड़ है।
वर्षवार आंकड़े इस प्रकार हैं:
2023-24: 180 योजनाएं — ₹1120.21 करोड़
2024-25: 80 योजनाएं — ₹685.95 करोड़
2025-26: 71 योजनाएं — ₹707.49 करोड़
भाजपा विधायकों ने कहा कि ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए निरंतर सहयोग कर रही है और बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, जलापूर्ति, सड़क, सिंचाई और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है, ताकि प्रदेश के हर क्षेत्र में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।
हालांकि, विधायकों ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में स्वीकृत योजनाओं के बावजूद प्रदेश सरकार उनकी गति और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाओं के कार्यान्वयन में देरी, प्रशासनिक लापरवाही और कमजोर निगरानी प्रणाली के कारण जनता तक इन योजनाओं का पूरा लाभ नहीं पहुंच पा रहा है।
विधानसभा में यह भी स्पष्ट किया गया कि वित्त वर्ष 2026-27 में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत राज्यांश (State Share) के रूप में 10% तक का प्रावधान रखा गया है, जिसे वित्त विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। इसके बावजूद राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति और निर्णयहीनता के चलते कई योजनाएं धरातल पर अटक रही हैं।
भाजपा विधायकों ने कहा कि कांग्रेस सरकार केवल घोषणाएं करने तक सीमित है, जबकि केंद्र सरकार द्वारा दिए गए संसाधनों का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, तो प्रदेश में विकास की गति कई गुना बढ़ सकती है।
अंत में भाजपा नेताओं ने मांग की कि सभी स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्र द्वारा दी गई प्रत्येक राशि का उपयोग पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाए, ताकि प्रदेश की जनता को वास्तविक लाभ मिल सके।
Related Stories
दयाल प्यारी की दूरी चर्चा में, विधानसभा अध्यक्ष ने किया जिला स्तरीय बैशाखी मेला राजगढ़ का समापन नाहन/ अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश विधानसभा कुलदीप सिंह पठानिया ने राजगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय बैशाखी मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि राजगढ़ का जिला स्तरीय बैशाखी मेला क्षेत्र के आराध्य देव शिरगुल महाराज के नाम पर आयोजित किया जाता है तथा धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक दृष्टि से यह मेला क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवी-देवताओं की भूमि है, राजगढ़ क्षेत्र की वादियां बहुत दर्शनीय है । हम सौभाग्यशाली है कि हमें अपने देवी -देवताओं के चरणों में वास करने को मौका मिला है। हमारे प्रदेश की संस्कृति भारत के साथ-साथ पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि इस मेले को राज्यस्तरीय मेले का दर्जा प्रदान करने के लिए प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से सौहार्द एवं आपसी भाईचारे की भावना सुदृढ़ होती है तथा किसी भी सुदृढ़ समाज की नींव उसकी समृद्ध संस्कृति पर ही निर्भर करती है। मेलों व त्यौहारों के माध्यम से जहां हमें अपने रीति-रिवाजों व परम्पराओं को संजोए रखने का मौका मिलता है, वहीं भावी पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति को देखने व जानने के अवसर प्राप्त होते हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने मेला कमेटी को एक लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने जिला स्तरीय बैशाखी मेले की स्मृतियों को संजोये रखने के लिए आयोजन समिति द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर ने अपने विचार रखे तथा मुख्य अतिथि का इस मेले में पधारने पर आभार व्यक्त किया। जी आर मुसाफिर ने मुख्यअतिथि अध्यक्ष विधानसभा कुलदीप सिंह पठानिया को शॉल-टोपी तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया । इस मौके पर पूर्व विधान सभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर , पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एल आर वर्मा, निदेशक राज्य सहकारी बैंक भारत भुषण मोहिल को अध्यक्ष बैशाखी मेला कमेटी एवम् एसडीएम राजगढ़ राज कुमार ठाकुर ने शाॅल -टोपी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर नगर पंचायत राजगढ़ की निवर्तमान अध्यक्ष ज्योति साहनी, पार्षद सुमन चौहान, परीक्षा चौहान, डीएसपी विद्या चंद नेगी, सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा स्थानीय लोग मौजूद रहे।