धर्मपुर में विकास के मुद्दों और अपनी गारंटियों से भटक रहे विधायक — वंदना गुलेरिया धर्मपुर, दिनांक 02 अप्रैल 2026 भाजपा नेत्री, पूर्व महिला मोर्चा महामंत्री एवं जिला पार्षद वंदना गुलेरिया ने धर्मपुर के विधायक चंदरशेखर द्वारा एक निजी चैनल को दिए गए साक्षात्कार पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि विधायक को गोलमोल बातें करने के बजाय क्षेत्र के वास्तविक मुद्दों और विकास पर स्पष्ट रूप से बात करनी चाहिए। वंदना गुलेरिया ने कहा कि जो पार्टी एक ही परिवार के इर्द-गिर्द संचालित होती है, उसे परिवारवाद पर भाषण देना शोभा नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने चुनाव से पहले जनता को जो गारंटियां दी थीं, उन पर विधायक को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैसे तो विधायक महोदय स्वयं को शिक्षित बता रहे पर तथ्य और बात सरासर अशिक्षित की कर रहे। उन्होंने बताया कि विधायक द्वारा यह कहा गया कि उनकी सरकार ढाई लाख 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को ₹1500 दे रही है, जबकि कांग्रेस की गारंटी 18 से 60 वर्ष की सभी महिलाओं के लिए थी। 60 वर्ष से अधिक की आयु को तो वैसे भी बुढ़ापा पेंशन मिल रही थी। इस विषय पर विधायक को स्पष्टता देनी चाहिए। नौकरियों के मुद्दे पर वंदना गुलेरिया ने कहा कि विधायक द्वारा चयन आयोग के माध्यम से 25,000 नौकरियां देने का दावा सरासर गलत है। उन्होंने मांग की कि इन कथित नौकरियों का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए, क्योंकि प्रदेश की जनता कांग्रेस के वादों और वास्तविकता के बीच अंतर समझ चुकी है। उन्होंने कहा की ढाई वर्ष चयन आयोग पर ही सरकार ने ताला नहीं लगाया अपितू लाखों युवाओं के सपनों पर भी टाला लगाया। उन्होंने आगे कहा कि पहली कैबिनेट में 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा आज तक पूर्ण नहीं हुआ है, बल्कि अब 125 यूनिट से ऊपर बिजली दरों में वृद्धि की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक अपनी और सरकार की नाकामियों को छुपाने के लिए 2027 तक हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर और 2032 तक सबसे समृद्ध राज्य बनने जैसे दावे कर रहे हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। वंदना गुलेरिया ने कहा कि धर्मपुर आज भी विकास की राह देख रहा है। क्षेत्र में सड़कों, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति दयनीय बनी हुई है। पूर्व मंत्री महेन्दर सिंह ठाकुर द्वारा शुरू किए गए कई विकास कार्य आज भी अधूरे पड़े हैं, जबकि वर्तमान सरकार कोई नया कार्य शुरू नहीं कर पाई है। अंत में उन्होंने सवाल उठाया कि यह कैसा “व्यवस्था परिवर्तन” है, जब धर्मपुर विकास की ओर बढ़ने के बजाय पीछे जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता अब जवाब मांग रही है और आने वाले समय में इसका उचित उत्तर भी देगी।