हमीरपुर में ‘राजस्थानी महालक्ष्मी आइसक्रीम’ का बढ़ता कारोबार, नाबालिगों से काम और नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल हमीरपुर, 5 अप्रैल : शहर में इन दिनों ‘राजस्थानी महालक्ष्मी आइसक्रीम’ का कारोबार तेजी से फैल रहा है। जानकारी के अनुसार, शहर के अलग-अलग चौकों में करीब 8 रेहड़ियों के माध्यम से आइसक्रीम बेची जा रही है, जिससे यह नाम स्थानीय स्तर पर काफी मशहूर हो रहा है। इन रेहड़ियों का संचालन राजस्थान निवासी शंकर द्वारा किया जा रहा है, जो बस स्टैंड के पास गौतम गली में आइसक्रीम तैयार करता है। हालांकि, इस बढ़ते कारोबार के साथ कई गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि रेहड़ियों पर 18 वर्ष से कम उम्र के लड़कों से काम कराया जा रहा है, जो श्रम कानूनों का उल्लंघन हो सकता है। अपर बाजार में रविवार को लगी एक रेहड़ी पर मौजूद एक लड़के ने अपना नाम प्यारे लाल बताया और कहा कि उसकी उम्र 16 वर्ष है तथा वह पिछले तीन वर्षों से इस काम में लगा हुआ है। उसने बताया कि मालिक उसे 10,000 रुपये मासिक वेतन के साथ रहने और खाने की सुविधा भी देता है। बताया जा रहा है कि कुल 8 लड़के अलग-अलग स्थानों पर रेहड़ियां लगाते हैं और सभी का रहन-सहन व काम का केंद्र गौतम गली में ही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या इन रेहड़ियों का स्थानीय थाने या नगर निकाय में पंजीकरण है या नहीं। इसके अलावा, यह भी स्पष्ट नहीं है कि कारोबार के पास आवश्यक ट्रेड लाइसेंस और फूड सेफ्टी लाइसेंस है या नहीं। बिना किसी सुरक्षा मानकों के, जैसे ग्लव्स का उपयोग किए बिना आइसक्रीम बेचना, शहरवासियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। खासकर गर्मियों के मौसम में खाद्य जनित बीमारियों का जोखिम और अधिक बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों को इस मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि खाद्य सुरक्षा मानकों और श्रम कानूनों का पालन हो। एक ओर जहां राजस्थानी कारोबारी लाखों का व्यापार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नियमों की अनदेखी और नाबालिगों से काम कराना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया है।