सांसद हर्ष महाजन ने की लेह मार्ग को सामरिक रक्षा मार्ग बनाने की बड़ी पहल पांगी घाटी भारत-पाकिस्तान सीमा और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के समीप है स्थित मार्ग निर्माण कार्य बीआरओ को सौंपने की भी सिफारिश टनल और नेशनल हाईवे बनने से बदलेगी पांगी घाटी की तस्वीर जिला चंबा से किलाड़ (पांगी) होते हुए लेह तक वैकल्पिक रणनीतिक सड़क मार्ग बनाने की दिशा में बड़ी प्रगति सामने आई है। हिमाचल प्रदेश राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन के पत्र पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) मुख्यालय ने विस्तृत जवाब देते हुए इस मार्ग को सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताया है। गौर हो कि दस्तावेज के अनुसार, द्रमण से किलाड़ तक का मार्ग मनाली-लेह मार्ग का एक अहम विकल्प बन सकता है, खासकर तब जब रोहतांग या मनाली-लेह मार्ग बंद हो जाते हैं। यह सड़क चंबा, तीसा, बैरागढ़, साच पास होते हुए किलाड़ (पांगी) तक जाती है और आगे लेह से जुड़ती है। वहीं बीआरओ ने स्पष्ट किया है कि पांगी घाटी भारत-पाकिस्तान सीमा और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के नजदीक स्थित है। जिससे यह मार्ग सेना की आवाजाही और रसद आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। साच पास (लगभग 14,500 फीट) के तहत यह मार्ग तेज रफ्तार और भरोसेमंद कनेक्टिविटी देता है, हालांकि यह मार्ग वर्षभर में केवल 4 से 5 महीने ही खुला रहता है। इसी समस्या के समाधान के लिए चेहनी पास (तीसा टनल) का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिससे चंबा से किलाड़ की दूरी लगभग 88 किलोमीटर कम हो जाएगी। जबकि टनल का नॉर्थ पोर्टल संसारी-किलाड़ मार्ग पर मिंधल गांव के पास प्रस्तावित है।‌ सड़क के विकास को लेकर एक और अहम जानकारी सामने आई है कि किलाड़ से संसारी (लगभग 15.3 किमी) तक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और यह हिस्सा प्रोजेक्ट दीपक के तहत आता है। जबकि संसारी से आगे गुलाबगढ़, कुंडल, मचैल, पदम, निराक, निमू होते हुए लेह तक का मार्ग अभी इस परियोजना में शामिल नहीं है। इस हिस्से का सर्वे बर्फ हटने के बाद अप्रैल-मई 2026 में किया जाएगा। सांसद हर्ष महाजन के पत्र में यह भी सिफारिश की गई है कि पूरे द्रमण-सिहुंता-चुवाड़ी-जोत-चम्बा-तीसा-किलाड़-संसारी-लेह मार्ग को बीआरओ की 2023-28 की दीर्घकालिक योजना में शामिल किया जाए। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश सरकार ने पहले ही चंबा-बैरागढ़-साच पास-किलाड़ सड़क को राज्य लोनिवि से लेकर बीआरओ को सौंपने का प्रस्ताव रखा है, ताकि फंड और संसाधनों की कमी दूर हो सके। इसके अलावा, द्रमण-जोत-चंबा-किलाड़ सड़क को नेशनल हाईवे बनाने की सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल चुकी है, हालांकि इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन अभी लंबित है। इस पूरे प्रस्ताव को मुख्य अभियंता की मंजूरी मिल चुकी है, जिससे साफ है कि आने वाले समय में इस रणनीतिक सड़क परियोजना पर तेजी से काम शुरू हो सकता है। यदि यह मार्ग नेशनल हाईवे और सामरिक रक्षा मार्ग घोषित होता है, तो पांगी घाटी समेत पूरे चम्बा क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी और लोगों को बेहतर व वर्षभर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।